बेकाबू ट्रक ने तोड़ी बुढ़ापे की लाठी।

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 सुरीर , मथुरा : यमुना एक्सप्रेस वे पर सुबह रौशनी की किरणे दस्तक दे रही थी।  आँखों में भारतीय फौज का हिस्सा होने का सपना पाले कई नौजवान पों फटते ही व्यायाम और दौड़ लगाने एक्सप्रेसवे पर आते थे। लेकिन  गुरुवार  तड़के मौत का झपट्टा बनकर आए ट्रक ने तीन परिवारों की उस हसरत को रौंद दिया। तीनों आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से थे लेकिन एक झटके में उनके अरमान खाक में मिल गए। इन परिवारों में से एक  दिव्यांग कुंवरपाल बुग्गी हांककर और पल्लेदारी कर कलेजे के टुकड़े प्रदीप को सरहद पर देखने का सपना दिल में पाले था। उसके खाने-पीने में कोई कसर नहीं रखता था। लेकिन एक्सप्रेसवे पर बेकाबू रफ़्तार ने उनके सारे जीवन की जमा पूँजी उनके सपनों को एक पल में चकनाचूर कर दिया।

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